उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मुख्य रूप से कुंभ मेला में किए जाने वाले स्थाई और अस्थाई कार्यों के लिए कुंभ मेला अधिकारी और गढ़वाल कमिश्नर के वित्तीय पावर दी गई है. इसके अलावा, परिवहन विभाग को 250 नई बसों के खरीदने को मंजूरी मिली है. खास बात यह है कि वन दरोगा भर्ती के लिए पहले शैक्षिक अर्हता इंटरमीडिएट थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर स्नातक कर दिया गया है.कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
वन दरोगा की आयु सीमा बढ़ाकर 21 से 35 साल की गई. वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष की गई.
उत्तराखंड मोटरयान संशोधित नियमावली 2026 के तहत वरिष्ठ प्रवर्तन पर्यवेक्षक, प्रवर्तन पर्यवेक्षक और सिपाहियों का वर्दी निर्धारण को मिली मंजूरी.
कुंभ मेले में एक करोड़ तक के काम को मेला अधिकारी स्वीकृत कर सकेंगे.
5 करोड़ तक के काम को गढ़वाल आयुक्त स्वीकृत कर करेंगे. उससे ऊपर के काम, शासन स्तर पर होंगे स्वीकृत.
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 के संशोधन को मिली मंजूरी.
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में होंगे. एसिड अटैक विक्टिम को भी शामिल करने का लिया गया निर्णय.
उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन को मिली मंजूरी. रॉयल्टी की दर को 7 रुपए प्रति कुंतल को बढ़ाकर 8 रुपए प्रति कुंटल किया गया.
वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में किए गए संशोधन को मिली मंजूरी.
परिवहन विभाग में 250 बसों को खरीदने संबंधित प्रस्ताव को मिली मंजूरी.
परिवहन निगम को शासन ने 100 बसें खरीदने की मंजूरी दी थी. जिसे अब बढ़कर 109 कर दिया है. जीएसटी की तरह 28 फ़ीसदी से घटकर 18 फ़ीसदी हो गई है. जिसके चलते ये निर्णय लिया गया है.
उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमालवी 2016 में संशोधन किया गया है.
वन दरोगा के शैक्षिक अहर्ता को इंटरमीडिएट से बढ़कर स्नातक किया गया है.
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