समूह की महिलाओं के हाथों बनी मोमबत्तियों से रोशन होगी दिवाली

Uttarakhand

देहरादून 16 अक्टूबर,2025 (सू.वि),
दीपावली पर्व यानी दियो का पर्व जो कि लोगों के जिंदगी में उजाला लेकर आता है इसका सटीक उदाहरण राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा के आपदाग्रस्त क्षेत्र में देखने को मिला है। यूं तो आपदा ने पिछले महीने सहस्त्रधारा को कई जख्म दिए लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को भी बल मिला है।

देहरादून जनपद के रायपुर ब्लॉक के अंतर्गत न्याय पंचायत सरोना की ग्राम पंचायत धनौला  की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने वोकल फॉर लोकल की मुहीम को आगे बढ़ते हुए उनके द्वारा बनाई गई तमाम सजावटी व आकर्षित मोमबत्तियां से इस दिवाली राजधानी देहरादून के सभी घरों को रोशन करेगी।
एक महीने पहले ही आपदा की चपेट में आए सहस्त्रधारा  के कई गांव वासियो के जख्म और अंधेरे को उजाला देने का काम ग्रामीण महिलाएं कर रही है। जिससे की वें स्वदेशी सामान को बढ़ावा दे रही है साथ ही चाइना सहित विदेशी सामानों का बायकाट भी हो रहा है। दुर्गा और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की सजावटी मामबत्तियां बाजार में उचित मूल्य पर बेची जा रही है जिससे समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत दुर्गा और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने मिलकर  पहले मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया उसके बाद एनआरएलएम की मदद से समूह की महिलाओं ने दीपावली के पर्व से पहले दीपक और मोमबत्ती तैयार की है।
दुर्गा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष कौशल्या नेगी ने बताया कि अभी तक उन्होंने एक हजार पैकेट बनाकर तैयार कर दिए हैं।  होम डिलीवरी के साथ तमाम शहरों की दुकानों में उचित दामों पर बेच भी रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पैकेट में 6 से 8 मोमबत्तियां का उपलब्ध है। प्रत्येक मोमबत्ती का पीस 15 से 35 रुपए तक है जिसकी लागत उन्हें 10 से 20 रुपए आ रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से समूह की महिलाओं को सालाना 7ः की दर में 1.5 लाख रुपए का सीसीएल यानी कि (कैश क्रेडिट लिमिट)दी गई और 1ः ब्याज में 75000 का कमेटी इन्वेस्टमेंट फंड दिया गया। इसी के साथ महिलाओं ने समूह से 10000 का रिवाल्विंग फंड का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि मोमबत्ती बनाने के प्रशिक्षण के साथ विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का महत्व, उद्यमिता विकास, समय प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण, बाजार एवं ग्राहक प्रबंधन, डिजिटल बैंकिग आदि की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की वोकल फॉर लोकल की मुहिम से न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है बल्कि  लखपति दीदी  बनने की ओर  अग्रसर हो रही है। जहां इन दोनों स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सजावटी व डिजाइन भरी मोमबत्ती 1.5 लाख से अधिक की आमदनी कर अपने आप को लखपति दीदी साबित करके दिखाया है। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का भी आभार प्रकट किया है।
मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह ने बताया कि  जनपद देहरादून की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दिवाली पर्व को लेकर तमाम सजावटी सामान बना रही है। उन्होंने बताया कि रायपुर ब्लॉक की दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए मटके के दीपक और डिजाइन भरी मामबत्तियां मार्केट में अच्छी कीमत पर बिक रही है साथ ही उन्हें शहर के तमाम स्टालों में उनकी बिक्री अच्छे से हो रही है।

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