दून घाटी और आसपास के उपनगरीय इलाकों में अवैध कॉलोनियों का जाल बुनने वाले प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सीधे एक्शन का रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में एक साथ मोर्चा खोला।
जहां डोईवाला के ग्रामीण अंचल में करीब 25 बीघा कृषि भूमि पर काटी जा रही अनधिकृत कॉलोनियों की कच्ची सड़कों और पिलरों को बुलडोजर से ढहा दिया गया, वहीं ऋषिकेश में मनमाने ढंग से खड़े किए जा रहे तीन व्यवसायिक व आवासीय ढांचों पर सीलिंग की मुहर लगा दी गई।
प्राधिकरण की पहली स्ट्राइक तहसील डोईवाला के शेरगढ़ माजरीग्रांट में हुई। यहां अवतार सिंह और प्रमोद पाल की ओर से लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर बिना लेआउट स्वीकृत कराए धड़ल्ले से प्लॉट काटे जा रहे थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर बाउंड्रीवॉल, सीवर लाइन के शुरुआती ढांचे और रास्तों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
इसके बाद दस्ता फतेहपुर माजरीग्रांट पहुंचा। यहां मुकेश सकलानी द्वारा लगभग 10 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग (Illegal Plotting) पर पीला पंजा चलाया गया। दोनों ही मामलों में भूस्वामियों ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के मानकों को ताक पर रखकर लेआउट पास कराए बिना ही जमीनों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी थी।
मैदानी हिस्सों में ध्वस्तीकरण के साथ ही ऋषिकेश के पॉश और घनी आबादी वाले विस्थापित क्षेत्र में सीलिंग की बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। आमबाग गली नंबर-02 में अमित भाटिया द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और मानकों का खुला उल्लंघन कर किए जा रहे ढांचे को प्रवर्तन टीम ने सील कर पुलिस अभिरक्षा में दे दिया। इसी इलाके में राणा जी और पंकज सेठ द्वारा किए जा रहे दो अन्य अनधिकृत निर्माणों पर भी प्राधिकरण ने ताला जड़ दिया। इन तीनों ही मामलों में पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन काम न रोके जाने पर यह सख्त कदम उठाया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि सुनियोजित विकास से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, “सस्ते प्लॉट के फेर में आम जनता जालसाज कॉलोनाइजरों के झांसे में न आए। जमीन या मकान का सौदा करने से पहले प्राधिकरण के कार्यालय या अधिकृत पोर्टल से लेआउट और लैंड यूज (Land Use) की वैधता जरूर जांच लें।”
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