मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के दूसरे चरण के तहत 212 पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सहायता राशि की पहली किस्त जारी की गई। वहीं, पहले चरण की 276 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में 1,20,76,875 की राशि अवमुक्त की गई।
योजना का उद्देश्य राज्य की एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को उनके क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एकल एवं निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
विभागीय जानकारी के अनुसार, दूसरे चरण में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून की 212 महिलाओं को 1,55,44,000 की 50 प्रतिशत पहली किस्त स्वीकृत की गई। वहीं, देहरादून, नैनीताल और टिहरी की 276 महिलाओं को 1,20,76,875 की 30 प्रतिशत दूसरी किस्त जारी की गई।
योजना के तहत अधिकतम 2 लाख तक की परियोजना लागत पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। कृषि, पशुपालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए महिलाओं को सहायता दी जा रही है। इस अवसर पर विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देहरादून की नीलू जैन ने पेठे की मिठाई, सुषमा थापा ने हस्तशिल्प और सिलाई, जबकि पूजा सेठी ने सिलाई के माध्यम से स्वरोजगार शुरू करने की जानकारी दी। पिथौरागढ़ की बसंती देवी ने सहायता राशि से दोबारा बुटीक शुरू करने की बात कही।
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