मैदानी इलाकों में तापमान पहुंचा 43 डिग्री सेल्सियस के पार

Uttarakhand

Uttarkhand News: देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। राज्य में मानसून आने में अभी कम से कम 10 दिन का समय है उससे पहले गर्मी से बेहाल लोग प्री- मानसून की बारिश की आस लगाए बैठे हैं। मैदानी इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है वहीं पहाड़ी इलाकों में भी गर्मी सताने लगी है।मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में अगले 5 दिन का यानि 19 जून तक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। पांच दिवसीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर डालें तो मैदानी इलाकों में अगले एक-दो दिन भीषण गर्मी का दौर बना रहेगा वहीं पहाड़ों में हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि 17 जून से 19 जून के बीच में मैदानी इलाकों में भी आंधी तूफान और एक दो दौर की तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी है। वहीं 16 जून रविवार को उत्तराखंड राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, टिहरी पौड़ी और अल्मोड़ा जिले में कहीं-कहीं बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं उधम सिंह नगर, हरिद्वार सहित अन्य जनपदों के मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने के साथ ही गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अधिकांश मैदानी इलाकों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 17 जून सोमवार को अधिकांश पर्वतीय जनपदों में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है वहीं मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा जबकि कुछ इलाकों में आंधी और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। 17 तारीख को मैदानी इलाकों में हीटवेव का अलर्ट नहीं है यानी पहाड़ों में बारिश से मैदानी इलाकों में भी गर्मी से कुछ राहत रहेगी। बता दें कि इस बार की भीषण गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खासकर मैदानी क्षेत्रों में लू के थपेड़ों ने जीना दूभर कर रखा है। गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 122 वर्ष में सर्वाधिक है। इससे पहले चार जून 1902 को दून का तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस रहा था जो आल टाइम रिकार्ड है। इस बार की भीषण गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 122 वर्ष में सर्वाधिक है। इससे पहले चार जून 1902 को दून का तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो आल टाइम रिकार्ड है। वर्ष 2022 में पांच जून को पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था, लेकिन इस बार उत्तराखंड में गर्मी कहर ढाह रही है। खासकर मैदानी क्षेत्रों में लू के थपेड़ों ने जीना दूभर कर रखा है।पिछले पांच दिनों से दून का पारा 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। सुबह से ही सूरज आग उगल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। अभी दून समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों में अगले तीन दिन तापमान में कमी आने की संभावना नहीं है। देहरादून में अधिकतम तापमान 42 डिग्री से ऊपर रहने और दोपहर के समय लू चलने की संभावना है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऊंचाई वाले स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। शेष मैदानी क्षेत्रों में लू चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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